आर्मी सर्विस कोर व्हाइट वॉटर राफ्टिंग एक्सपीडिशन 2026: मेजर जनरल तिवारी ने देहरादून से किया रवाना
देहरादून आर्मी सर्विस कोर द्वारा साहस, दृढ़ता, दल भावना एवं सैन्य कौशल को प्रदर्शित करने के उद्देश्य से आयोजित श्वेत जल नौका अभियान–2026 का आज देहरादून से शुभारंभ किया…
आर्मी सर्विस कोर व्हाइट वॉटर राफ्टिंग एक्सपीडिशन 2026: मेजर जनरल तिवारी ने देहरादून से किया रवाना
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कम शब्दों में कहें तो, आज देहरादून में आर्मी सर्विस कोर द्वारा आयोजित श्वेत जल नौका अभियान-2026 का शुभारंभ किया गया। मेजर जनरल पी. के. तिवारी ने इस 16 सदस्यीय अभियान दल को ध्वज दिखाकर रवाना किया।
देहरादून से शुरू होने वाले इस अद्भुत अभियान का उद्देश्य सेना के साहस, दृढ़ता, दल भावना एवं सैन्य कौशल को प्रदर्शित करना है। यह अभियान 07 से 11 अक्टूबर 2026 तक चलने वाला है, जिसमें दल रुद्रप्रयाग से ऋषिकेश तक लगभग 145 किलोमीटर की चुनौतीपूर्ण नदी यात्रा करेगा। अभियान दल में 02 अधिकारी, 02 कनिष्ठ कमीशंड अधिकारी और 12 अन्य रैंक के सैनिक शामिल हैं।
अभियान का विवरण
यह अभियान 07 अक्टूबर को रुद्रप्रयाग से प्रारंभ होगा। दल धारी देवी मंदिर, श्रीनगर, देवप्रयाग, कौड़ियाला होते हुए अपनी यात्रा करेगा। इस दौरान उन्हें अलकनंदा नदी की चुनौतीपूर्ण धाराओं को पार करना होगा, जो उनके साहस और कौशल को और भी परिखिएगा। उनके द्वारा चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का सामना करने से न केवल व्यक्तिगत दृढ़ता का दृष्टांत मिलेगा बल्कि यह सैन्य एकता और सहयोग को भी प्रदर्शित करेगा।
इस बार का यह अभियान खास रहा है, क्योंकि आर्मी सर्विस कोर ने इससे पूर्व 2022 में उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में इसी प्रकार का अभियान आयोजित किया था। हालांकि, विभिन्न व्यावसायिक आवश्यकताओं के कारण इस प्रकार का अभियान पिछले पाँच वर्षों से नहीं हो पाया था। इसके पुनः आरंभ का श्रेय महानिदेशालय आपूर्ति एवं परिवहन को जाता है, जिसने इसे कराने की जिम्मेदारी मध्य कमान को सौंपी थी।
कठिन प्रशिक्षण और चयन प्रक्रिया
इस अभियान के लिए चयनित दल ने 21 सितंबर से 03 अक्टूबर 2026 तक ए.ए.एन.सी., रायवाला में मूलभूत श्वेत जल नौका प्रशिक्षण प्राप्त किया है। इस कठिन और गहन प्रशिक्षण ने प्रतिभागियों कोइस रोमांचक और चुनौतीपूर्ण मिशन के लिए पूरी तरह से तैयार किया है। चयन प्रक्रिया में स्वयंसेवकों से आवेदन आमंत्रित किए गए, और प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद उन्हें अभियान दल में शामिल किया गया।
अभियान का अंत और उसके महत्व
अभियान का समापन 11 अक्टूबर 2026 को ऋषिकेश में होगा। यह पूरी यात्रा सिर्फ एक साहसिक कार्य नहीं है, बल्कि यह आर्मी सर्विस कोर की नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, और कठिन समय में कार्य करने की क्षमता को भी दर्शाएगी। यह ही नहीं, बल्कि यह सैन्यकर्मियों में साहसिक गतिविधियों के प्रति रुचि और शारीरिक एवं मानसिक दृढ़ता को भी बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
अभियान के दौरान, दल अलकनंदा और भागीरथी नदियों के पवित्र संगम तक पहुँचने के बाद गंगा की तीव्र धाराओं में प्रगति करेगा। इस रोमांचक यात्रा की प्रत्येक स्टेज पर, सेना के जवान अपने कौशल का प्रदर्शन करते हुए सभी को प्रेरित करेंगे।
अतः, यह अभियान न केवल एक प्रतियोगिता है, बल्कि यह एक सामूहिक प्रयास है जिसमें सभी में एकजुटता और सामंजस्य की भावना को प्रबल किया जाएगा।
बैठक और कार्यवाही के अंत में हमारे पाठकों को इन साहसी सैनिकों की यात्रा का पालन करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। इस अभियान के बारे में और अधिक जानने के लिए, कृपया यहां क्लिक करें.
सादर,
Team Netaa Nagari, निधि शर्मा
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