हरिद्वार रोड स्थित पेनेशिया अस्पताल में एसी ब्लास्ट से आग, एक बुजुर्ग महिला की मौत, दस मरीजों का अन्य अस्पतालों में भर्ती

देहरादून नेहरू कॉलोनी क्षेत्र के हरिद्वार रोड स्थित पेनिसिया अस्पताल में बुधवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब अस्पताल के आईसीयू में लगे एसी में अचानक ब्लास्ट होने के…

May 20, 2026 - 18:37
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हरिद्वार रोड स्थित पेनेशिया अस्पताल में एसी ब्लास्ट से आग, एक बुजुर्ग महिला की मौत, दस मरीजों का अन्य अस्पतालों में भर्ती
हरिद्वार रोड स्थित पेनेशिया अस्पताल में एसी ब्लास्ट से आग, एक बुजुर्ग महिला की मौत, दस मरीजों का अन्य अस्पतालों में भर्ती

हरिद्वार रोड स्थित पेनेशिया अस्पताल में एसी ब्लास्ट से आग, एक बुजुर्ग महिला की मौत, दस मरीजों का अन्य अस्पतालों में भर्ती

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कम शब्दों में कहें तो, देहरादून में स्थित पेनेशिया अस्पताल में एसी ब्लास्ट के कारण आग लगने से एक बुजुर्ग महिला की मृत्यु हो गई और 10 मरीजों को अन्य अस्पतालों में भर्ती कराया गया।

देहरादून के नेहरू कॉलोनी क्षेत्र में हरिद्वार रोड का पेनेशिया अस्पताल बुधवार को अचानक धुएं और अफरा-तफरी का शिकार बन गया। अस्पताल के आईसीयू में लगे एसी में एक विस्फोट के बाद अचानक आग लग गई, जिससे सभी कर्मचारियों और मरीजों के बीच कोहराम मच गया। इस घटना ने अस्पताल के चारों ओर खड़ी भीड़ को चौंका दिया और तुरंत हर जगह हड़बड़ाहट फैल गई।

पुलिस और बचाव अभियानों की तत्परता

इस हादसे की जानकारी मिलते ही नेहरू कॉलोनी थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई और बिना समय गंवाए बचाव अभियान शुरू कर दिया। पुलिसकर्मियों ने धुएं से भरे आईसीयू में जान जोखिम में डाला और कई मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाला। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि यदि मौके पर राहत कार्य में देरी होती, तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती थी।

रेस्क्यू के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों और पुलिसकर्मियों को भी सांस लेने में समस्या का सामना करना पड़ा, फिर भी सभी को जल्दी से कैलाश अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। दुर्भाग्यवश, इस हादसे में 60 वर्षीय वीरवती, जो वेंटिलेटर पर थीं, की इलाज के दौरान मौत हो गई।

घटना की गंभीरता

घटना में कुल 13 लोग प्रभावित हुए, जिनमें 10 मरीज और राहत कार्य में जुटे तीन पुलिसकर्मी शामिल हैं। हादसे की सूचना पाकर एसएसपी देहरादून और एसपी सिटी भी मौके पर पहुंचे और राहत कार्य का जायजा लिया। अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल भी जाना।

आजाद देशों में ऐसी घटनाओं को देखते हुए एक विचारणीय सवाल उठता है: क्या अस्पतालों में सुरक्षा उपायों को और सख्त किया जाने की आवश्यकता है? पहली प्राथमिकता मरीजों की सुरक्षा होनी चाहिए, और ऐसे हादसों के चलते यह बात उजागर हो जाती है।

अग्निशामक सेवाओं की भूमिका

प्रारंभिक जांच में आग लगने की सूचना आईसीयू में लगे एसी में ब्लास्ट होने के कारण मिली है। पुलिस और राहत टीम की त्वरित कार्रवाई के चलते सभी मरीजों को समय रहते बाहर निकाल लिया गया जिससे बड़ा हादसा टल गया।

दृढ़ता और साहस की मिसाल

इस घटनाक्रम में उपनिरीक्षक नरेंद्र कुमार, कांस्टेबल बृजमोहन रावत, और कांस्टेबल बृजमोहन कनवासी सहित कई अन्य पुलिसकर्मियों की साहसी कार्रवाई बेहद सराहनीय है। थानाध्यक्ष मनोज नौटियाल के नेतृत्व में पुलिस ने अपने कर्तव्यों को बखूबी निभाया और कई लोगों की जान बचाई।

अंत में, यह घटना केवल एक हादसा नहीं है, बल्कि यह हमें यह भी दिखाती है कि हमारे मिलकर काम करने से किस प्रकार की स्थिति को नियंत्रित किया जा सकता है। हम सभी को सावधानी बरतने और ऐसे उपकरणों की सही देखभाल करने की जरूरत है जो खतरे का कारण बन सकते हैं।

हमारी सुरक्षा एजेंसियों की तत्परता और साहस ने कई जिंदगियों को बचाया। ऐसे में हमें चाहिए कि हम उनकी सराहना करें और साथ-साथ अस्पतालों में सुरक्षा उपायों की दिशा में ध्यान देते रहें।

इस घटना से सबक लेते हुए, हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि भविष्य में ऐसा हादसा न हो। स्वास्थ्य सेवाओं की सुरक्षा का ध्यान रखना आवश्यक है।

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संगीता शर्मा, Team Netaa Nagari

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