सीएम धामी ने अधिकारियों को दी फटकार: बिना तैयारी बैठक में आने पर मिली चेतावनी, 15 जून तक घोषणाओं के शासनादेश जारी करें

बैठक में सख्तीमुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में घोषणाओं की समीक्षा में बिना तैयारी पहुंचे अधिकारियों पर कड़ी नाराजगी जताई। विभागों के बीच समन्वय की कमी व जिला मामलों…

May 5, 2026 - 09:37
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सीएम धामी ने अधिकारियों को दी फटकार: बिना तैयारी बैठक में आने पर मिली चेतावनी, 15 जून तक घोषणाओं के शासनादेश जारी करें
सीएम धामी ने अधिकारियों को दी फटकार: बिना तैयारी बैठक में आने पर मिली चेतावनी, 15 जून तक घोषणाओं के शासनादेश जारी करें

सीएम धामी का सख्त निर्देश: बिना तैयारी बैठक में आने वाले अधिकारियों को दी चेतावनी

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कम शब्दों में कहें तो, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बिना तैयारी के अधिकारियों पर बेहद नाराजगी व्यक्त की और उन्हें सख्ती से चेतावनी दी कि सभी लंबित घोषणाओं के शासनादेश 15 जून तक जारी किए जाएं।

बैठक में उठाया गया मुद्दा

हाल ही में सचिवालय में आयोजित बैठक में, सीएम धामी ने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन अधिकारियों ने बिना किसी प्रीपेरेशन के बैठक में भाग लिया, उनके लिए इसे स्वीकार नहीं किया जाएगा। उनका कहना था कि प्रशासन में सुधार लाने के लिए यह अत्यंत आवश्यक है कि सभी विभागों के बीच समन्वय बेहतर किया जाए।

कार्रवाई के निर्देश

मुख्यमंत्री ने सभी उन लंबित घोषणाओं पर तात्कालिक कार्रवाई का निर्देश दिया, जिन्हें 15 जून तक शासनादेश के माध्यम से अंतिम रूप दिया जाना आवश्यक है। विकास योजनाओं की समीक्षा के दौरान अल्मोड़ा के सल्ट में 69, रानीखेत में 33, सोमेश्वर में 90 और जागेश्वर में 48 घोषणाओं का उल्लेख किया गया। इससे स्पष्ट होता है कि सभी क्षेत्रों में विकास योजनाओं का क्रियान्वयन समय पर होना चाहिए।

राज्य में प्रशासनिक चुनौतियाँ

यहां यह भी उल्लेखनीय है कि बैठक में मुख्यमंत्री ने विभागों के बीच समन्वय की कमी की ओर इशारा किया और सलाह दी कि इसे प्रभावी ढंग से सुलझाया जाना चाहिए। राज्य में कई विकास योजनाएं भले ही चल रही हैं, लेकिन उनके कार्यान्वयन में हो रही देरी से विकास की गति धीमी हो रही है। शासन स्तर पर यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी अधिकारी अपने कार्यों में सक्रिय रूप से शामिल हों।

Conclusion

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का यह सख्त रुख इस बात का संकेत है कि वह विकास कार्यों में तेज़ी लाने के लिए कितनी गंभीरता से प्रयास कर रहे हैं। यदि अधिकारियों ने अपनी जिम्मेदारियों को गंभीरता से नहीं लिया, तो उन्हें इस प्रकार की फटकार का सामना करना पड़ सकता है। जनता की अपेक्षाएँ भी बढ़ रही हैं, एवं अधिकारियों को इस पर ध्यान देना चाहिए।

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सादर, टीम नेटा नगरी, शिवानी शर्मा

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