रामगंगा नदी में बाढ़ रेस्क्यू मॉक ड्रिल का सफल संचालन, SDRF और उत्तर प्रदेश शासन का संयुक्त प्रयास
देहरादून वीरवार को आगामी मानसून सत्र एवं संभावित बाढ़ आपदाओं के दृष्टिगत उत्तर प्रदेश शासन के निर्देशन में जिला प्रशासन बरेली द्वारा रामगंगा नदी में एक व्यापक फ्लड रेस्क्यू मॉक…
रामगंगा नदी में बाढ़ रेस्क्यू मॉक ड्रिल का सफल संचालन
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कम शब्दों में कहें तो, SDRF उत्तराखण्ड और उत्तर प्रदेश शासन के संयुक्त समन्वय से रामगंगा नदी में एक प्रभावी फ्लड रेस्क्यू मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न सरकारी विभागों ने मिलकर आपदा प्रबंधन के लिए अपनी तैयारियों का प्रदर्शन किया।
देहरादून, वीरवार को, आगामी मानसून सत्र और संभावित बाढ़ आपदाओं के मद्देनजर उत्तर प्रदेश शासन की दिशा में जिला प्रशासन बरेली द्वारा रामगंगा नदी में एक व्यापक फ्लड रेस्क्यू मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस संयुक्त अभ्यास में SDRF उत्तराखण्ड, तहसील प्रशासन, राजस्व विभाग, उत्तर प्रदेश पुलिस, अग्निशमन सेवा एवं चिकित्सा विभाग के कर्मियों ने सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की।
विभिन्न विभागों के बीच समन्वय
इस मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य विभिन्न सरकारी विभागों के बीच आपसी तालमेल को सुदृढ़ करना और आपदा की स्थिति में त्वरित, प्रभावी राहत कार्यों को सुनिश्चित करना था। विभिन्न विभागों के सहयोग से, विशेष तौर पर SDRF उत्तराखण्ड ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मॉक ड्रिल का संचालन
आपदा कंट्रोल बरेली को सूचना मिली कि रामगंगा नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया है, और कुछ लोग नदी के मध्य फंस गए हैं। सूचना मिलते ही SDRF उत्तराखण्ड की टीम के निरीक्षक अर्जुन सिंह के नेतृत्व में समय 11:35 बजे बोट, राफ्ट, क्याक और अन्य आधुनिक फ्लड रेस्क्यू उपकरणों के साथ घटनास्थल के लिए रवाना हुई।
अर्पण यदुवंशी, सेनानायक, SDRF के निर्देशानुसार, SDRF की टीम ने तहसील प्रशासन और राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित किया और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। इस दौरान, उत्तर प्रदेश पुलिस ने क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण का कार्य संभाला। वहीं, अग्निशमन सेवा और आपदा मित्रों ने राहत एवं बचाव कार्यों में सहयोग प्रदान किया।
रेस्क्यू तकनीकों का प्रदर्शन
मॉक ड्रिल के दौरान, SDRF उत्तराखण्ड की टीम ने बोट, राफ्ट और तैराकी तकनीकों का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। उन्होंने कुल 6 व्यक्तियों को सुरक्षित बाहर निकाला, जिनमें बोट के माध्यम से 2, राफ्ट से 2, डग्गी से 1 और क्याक से 1 व्यक्ति को बचाया गया। सभी घायलों को प्राथमिक उपचार दिया गया।
इस अभ्यास के दौरान विभिन्न विभागों के बीच समन्वय, त्वरित प्रतिक्रिया की क्षमता और संसाधनों के प्रभावी उपयोग का शानदार प्रदर्शन हुआ। यह मॉक ड्रिल यह साबित करती है कि उत्तर प्रदेश शासन, जिला प्रशासन बरेली और SDRF उत्तराखण्ड सभी संभावित बाढ़ आपदाओं से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
अधिकारियों की सराहना
संयुक्त अभ्यास में शामिल अधिकारियों ने SDRF उत्तराखण्ड की कार्यकुशलता, अनुशासन और उच्च स्तरीय रेस्क्यू क्षमता की सराहना की। अधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार के बहु-विभागीय अभ्यास वास्तविक आपदाओं के दौरान जनहानि को न्यूनतम करने और राहत कार्यों को अधिक प्रभावी बनाने में अति आवश्यक सिद्ध होते हैं।
रिपोर्ट: प्रियंका तिवारी
Team Netaa Nagari
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