मुख्य सचिव ने SARRA के जल संरक्षण कार्यों की समीक्षा की, तेजी लाने के दिए निर्देश

कार्यों पर नाराजगीमुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सचिवालय में स्प्रिंग एंड रिवर रिज्युविनेशन अथॉरिटी (SARRA) के कार्यों की समीक्षा में धीमी गति पर नाराजगी जताई। कार्य सूची तैयार कर एक…

May 1, 2026 - 09:37
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मुख्य सचिव ने SARRA के जल संरक्षण कार्यों की समीक्षा की, तेजी लाने के दिए निर्देश
मुख्य सचिव ने SARRA के जल संरक्षण कार्यों की समीक्षा की, तेजी लाने के दिए निर्देश

मुख्य सचिव ने SARRA के जल संरक्षण कार्यों की समीक्षा की, तेजी लाने के दिए निर्देश

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कम शब्दों में कहें तो, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सचिवालय में स्प्रिंग एंड रिवर रिज्युविनेशन अथॉरिटी (SARRA) के जल संरक्षण कार्यों की धीमी गति पर नाराजगी व्यक्त की है और कार्यों की गति बढ़ाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं।

कार्य समीक्षा में उठा महत्वपूर्ण मुद्दा

मुख्य सचिव ने SARRA के कार्यों की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की, जिसमें उन्होंने स्पष्ट किया कि जल संरक्षण कार्यों की गति अत्यंत धीमी है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में जारी परियोजनाओं का तेजी से विकास होना आवश्यक है ताकि संबंधित नदियों के संरक्षण की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकें।

नवीन कार्य योजना का निर्धारण

आनंद बर्द्धन ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे एक विस्तृत कार्य सूची तैयार करें और एक वर्ष की कार्य योजना तथा टाइमलाइन निर्धारित करें। उनका मानना है कि यह कार्रवाई जल संरक्षण के लिए आवश्यक है तथा उचित क्रियान्वयन से ही परिणाम प्राप्त होंगे।

प्राथमिकताओं का निर्धारण

समीक्षा में यह भी स्पष्ट किया गया कि सभी नदियों पर एक साथ कार्य करने की बजाय चिन्हित नदियों पर ध्यान केंद्रित किया जाए। इससे न केवल संसाधनों की बर्बादी रोकी जाएगी, बल्कि काम की गुणवत्ता भी सुनिश्चित होगी। मुख्य सचिव ने विशेष रूप से चौकडैम श्रृंखला को टिहरी मॉडल पर अन्य जिलों में लागू करने की संभावना को भी परखा।

रखरखाव और डिसिल्टिंग

मुख्य सचिव ने चेकडैम के रखरखाव और डिसिल्टिंग को अनिवार्य करने की दिशा में भी आदेश जारी किए। उनका सुझाव है कि ये गतिविधियाँ जल स्तर को बनाए रखने और भूमि की उपजाऊता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

जगह की जरूरत

समीक्षा में बर्द्धन ने यह भी कहा कि सारा जल संरक्षण का कार्य एकीकृत दृष्टिकोण के साथ करना आवश्यक है। यहां तक कि नदियों और जलस्रोतों के संरक्षण में जन भागीदारी को भी एक आवश्यक तत्व माना जाना चाहिए। लोगों को जलवायु परिवर्तन के प्रभावों और जल सुरक्षा की आवश्यकता के बारे में जागरूक करना होगा।

जल संरक्षण के क्षेत्र में यह समीक्षा और निर्देश इस दिशा में एक सकारात्मक कदम है, जिससे कार्यों की गति में सुधार एवं प्रभावी मानसिकता का विकास होगा।

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सहमति से, टीम नेटा नागरी - राधिका शर्मा

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