मसूरी में हरित सौगात: 15.5 एकड़ में विकसित होगा अनूठा प्रकृति उद्यान
मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) 08 अप्रैल 2026 *पर्यटन विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण को मिलेगा नया आयाम- बंशीधर तिवारी* मुख्यमंत्री
मसूरी में हरित सौगात: 15.5 एकड़ में विकसित होगा अनूठा प्रकृति उद्यान
Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - Netaa Nagari
कम शब्दों में कहें तो, मसूरी में एक अत्याधुनिक प्रकृति उद्यान का निर्माण किया जाएगा, जो पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन विकास दोनों को बढ़ावा देगा। यह उद्यान लगभग 15.5 एकड़ में फैला होगा और इसमें विभिन्न तरह की सुविधाएं होंगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में, मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने एक महत्वाकांक्षी परियोजना की घोषणा की है, जो हुसैनगंज क्षेत्र में स्थित होगी। इस 15.5 एकड़ के स्थान पर बनने वाले प्रकृति उद्यान का उद्देश्य प्राकृतिक सौंदर्य को संरक्षित करते हुए पर्यटकों के लिए एक अनूठा अनुभव प्रदान करना है।
पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण का नया आयाम
मसूरी, जो अपने खूबसूरत पहाड़ी दृश्यों और ठंडी जलवायु के लिए प्रसिद्ध है, हर साल लाखों पर्यटकों को आकर्षित करती है। हालांकि, बढ़ते पर्यटक दबाव के कारण प्राकृतिक संतुलन को बनाए रखना एक चुनौती बन गया है। इस परियोजना के माध्यम से एमडीडीए प्रयास कर रहा है कि मसूरी को पर्यावरण-अनुकूल बनाने के साथ साथ एक संतुलित पर्यटन मॉडल भी प्रस्तुत किया जाए।
सुविधाओं से लैस आधुनिक उद्यान
प्रकृति के बीच सहूलियत: प्रस्तावित उद्यान पूरी तरह से एक पर्यावरणीय अवधारणा के तहत विकसित किया जाएगा। इसमें कृत्रिम जलाशय, घने पेड़ों के बीच से गुजरने वाले वन पथ, बच्चों के लिए विशेष खेल क्षेत्र और साहसिक गतिविधियों के लिए स्थान विकसित किया जाएगा।
इससे परिवार, बच्चे और युवा सभी के लिए एक प्रमुख आकर्षण का केन्द्र बनने की उम्मीद है।
यह परियोजना न केवल एक मनोरंजक स्थान बनाएगी, बल्कि जनता को प्रकृति से जोड़ते हुए पर्यावरणीय जागरूकता बढ़ाने में भी सहायक होगी।
जैव विविधता की होगी सुरक्षा
प्रकृति उद्यान में स्थानीय पौधों और पेड़ों का रोपण किया जाएगा, जिससे क्षेत्र में जैव विविधता में वृद्धि होगी। पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के क्षेत्र न केवल प्राकृतिक संतुलन को बनाए रखने में मददगार होते हैं, बल्कि यह शुद्ध और स्वस्थ वातावरण भी प्रदान करते हैं।
इस उद्यान में आगंतुकों के आराम के लिए बैठने की सुविधा, गज़ीबो, योग पथ, और खाद्य विकल्प भी उपलब्ध होंगे, जिससे पर्यटक स्वास्थ्य और मनोरंजन गतिविधियों का पूरा आनंद ले सकेंगे।
सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत का संग्रहालय
संस्कृति से जोड़ेगा: इस परियोजना के अंतर्गत एक संग्रहालय भी स्थापित किया जाएगा, जिसमें स्थानीय सांस्कृतिक विरासत और जैव विविधता से जुड़ी जानकारियों का प्रदर्शन किया जाएगा। इससे आगंतुक केवल प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद ही नहीं, बल्कि क्षेत्र के इतिहास और पर्यावरणीय महत्व को भी समझ सकेंगे।
यह पहल मसूरी को पर्यटन के मानचित्र पर नई पहचान दिलाने में भी सहायक साबित हो सकती है।
पर्यावरण संतुलन पर जोर
निर्माण के दौरान पर्यावरण संतुलन को बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। प्रोजेक्ट में स्थानीय सामग्रियों का अधिकतम उपयोग किया जाएगा, जिससे कंक्रीट के प्रयोग को कम किया जा सके। यह न केवल पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव को कम करेगा, बल्कि क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देगा।
यह उद्यान एक सार्वजनिक स्थल के रूप में भी काम करेगा, जहां स्थानीय निवासी प्रकृति के बीच समय व्यतीत कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री का सकारात्मक दृष्टिकोण
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में, मसूरी को वर्ल्ड-क्लास पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस उद्यान में प्राकृतिक संतुलन को बनाए रखते हुए सुविधाओं का विकास किया जाएगा।
विकास और संरक्षण का संतुलन
एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि इस परियोजना का उद्देश्य विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाना है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना पर्यावरण-अनुकूल पर्यटन को बढ़ावा देने में मददगार साबित होगी।
अधिक जानकारियों के लिए कृपया यहां क्लिक करें
आशा है कि यह अनूठा उद्यान मसूरी की सुन्दरता में चार चांद लगाएगा और पर्यटकों को एक सुखद अनुभव प्रदान करेगा।
धन्यवाद,
Team Netaa Nagari, आरती शर्मा
What's Your Reaction?