पिथौरागढ़: शिक्षिका और युवक ने डिब्बे में फंसे विशाल मॉनिटर लिजर्ड को बचाया
Round The Watch News: सीमांत क्षेत्र बलुवाकोट के लेक गांव में जंगल से निकलकर एक मॉनिटर लिजर्ड (गोह) गांव में पहुंच गया। इस दौरान उसका सिर एक डिब्बे में फंस गया, जिससे वह बुरी तरह तड़प रहा था। ग्रामीणों की नजर पड़ने के बाद उसे सुरक्षित निकालने के लिए रेस्क्यू अभियान चलाया गया। गांव के … The post पिथौरागढ़ में डिब्बे में फंसा विशाल मॉनिटर लिजर्ड रेस्क्यू, शिक्षिका और स्थानीय युवक ने बचाई जान appeared first on Round The Watch.
पिथौरागढ़ में डिब्बे में फंसा विशाल मॉनिटर लिजर्ड रेस्क्यू, शिक्षिका और स्थानीय युवक ने बचाई जान
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कम शब्दों में कहें तो, पिथौरागढ़ के बलुवाकोट क्षेत्र में एक शिक्षिका और स्थानीय युवक ने मिलकर एक मॉनिटर लिजर्ड की जान बचाई, जो एक डिब्बे में फंस गया था। यह घटना गांव के लिए एक प्रेरणा का प्रतीक बन गई है।
सीमांत क्षेत्र बलुवाकोट के लेक गांव में जंगल से निकलकर एक विशाल मॉनिटर लिजर्ड (गोह) गांव में पहुंच गया था। दुर्भाग्यवश, उसका सिर एक डिब्बे में फंस गया, जिससे वह बुरी तरह तड़प रहा था। ग्रामीणों ने इस स्थिति को देखकर तुरंत रेस्क्यू अभियान शुरू किया।
रेस्क्यू प्रयास: शिक्षिका जावंती पांडे और युवक भास्कर का साहस
गांव के प्राथमिक विद्यालय में शिक्षिका जावंती पांडे (जया) ने स्थानीय युवक भास्कर के साथ मिलकर इस अद्वितीय जानवर को बचाने का साहसिक प्रयास किया। बिना किसी डर के, उन्होंने सावधानी से डिब्बे को उसके सिर से अलग किया और उसे नया जीवन दिया। यह न केवल उनकी साहसिकता का प्रतीक है, बल्कि उनकी मानवता को भी दर्शाता है।
जावंती पांडे: एक साहसी शिक्षिका
जावंती पांडे केवल शिक्षिका ही नहीं, बल्कि एक कुशल पर्वतारोही भी हैं। पिछले तीन दशकों से साहसिक खेलों के प्रति उनका समर्पण अद्वितीय है। उनके नाम विश्व और कई राष्ट्रीय स्तर के रिकॉर्ड हैं, जो उनके साहस और लगन का प्रमाण है।
कोविड-19 महामारी के पहले चरण के दौरान, जब समाज में निराशा का वातावरण था, जावंती ने 6 दिसंबर 2020 को 148 मीटर ऊंचे बिरथी जलप्रपात से उतरकर नया कीर्तिमान स्थापित किया था। उनके इस साहसिक प्रयास ने उस कठिन परिस्थितियों में लोगों के बीच एक नई उम्मीद जगाई थी।
भास्कर का साहस
इस रेस्क्यू के दौरान स्थानीय युवक भास्कर ने भी निर्भीकता का परिचय दिया। उसने बिना किसी झिझक के मॉनिटर लिजर्ड के सिर में फंसे डिब्बे को सावधानीपूर्वक अलग किया। इसके बाद, उन्हें सुरक्षित प्राकृतिक वातावरण में छोड़ दिया गया, जहां वह अपने जीवन को पुनः आरंभ कर सके।
ग्रामीणों की सराहना
ग्रामीणों ने जावंती पांडे और भास्कर के इस प्रयास की अत्यधिक सराहना की। वन्यजीव को समय पर बचाए जाने के कारण उसकी जान बचाई जा सकी। यह घटना सभी के लिए एक प्रेरणा बन गई है कि हमें प्राकृतिक जीवन की रक्षा के लिए हमेशा सजग रहना चाहिए।
इस घटना ने दिखाया कि जब हम एकजुट होकर काम करते हैं, तो हम न केवल एक जीवन बचा सकते हैं, बल्कि प्राकृतिक संजीवनी का भी ध्यान रख सकते हैं।
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टीम नेटा नगरी, श्वेता शर्मा
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