देहरादून में 45,000 वाहनों की भारी भीड़, जाम से हालात गंभीर
Rajkumar Dhiman, Dehradun: वीकेंड पर मसूरी, चकराता और ऋषिकेश घूमने पहुंचे पर्यटकों की भारी भीड़ से देहरादून जिले की सड़कें दो दिनों तक वाहनों से पट गईं। शनिवार और रविवार को महज दो दिन में 45 हजार से अधिक वाहनों की आमद ने यातायात व्यवस्था पर दबाव बढ़ा दिया। जिससे चौतरफा जाम की स्थिति भी … The post देहरादून में उमड़ा 45 हजार वाहनों का सैलाब, चौतरफा लगा जाम appeared first on Round The Watch.
देहरादून में 45,000 वाहनों की भारी भीड़, जाम से हालात गंभीर
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कम शब्दों में कहें तो, वीकेंड पर मसूरी, चकराता और ऋषिकेश में घूमने पहुंचे पर्यटकों की भारी भीड़ ने देहरादून जिले की सड़कों पर गंभीर ट्रैफिक समस्या पैदा कर दी।
राजकुमार धिमान, देहरादून: वीकेंड पर मानों देहरादून शहर वाहनों के सैलाब में समा गया। शनिवार और रविवार को महज दो दिनों में 45,000 से अधिक वाहनों की आमद ने यातायात व्यवस्था पर भारी दबाव डाल दिया, जिसके चलते चौतरफा जाम की स्थिति निर्मित हो गई। इस संकट से निपटने के लिए पुलिस को विशेष ट्रैफिक प्लान लागू करना पड़ा और कई उपाय किए गए ताकि स्थिति को काबू में किया जा सके।
पर्यटकों की अच्छी खासी भीड़ का असर
पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, इस दौरान जिले में 45,000 से अधिक वाहनों का प्रवेश हुआ। इन वाहनों में लगभग 26,000 कारें, 13,500 बसें और टेम्पो ट्रैवलर तथा करीब 5,700 दोपहिया शामिल थे। बड़ी संख्या में पर्यटक मसूरी, चकराता और ऋषिकेश की ओर चले गए, जिससे मार्गों पर अव्यवस्था फैल गई।
मसूरी मार्ग पर दवाब सबसे ज्यादा
पर्यटन नगरी मसूरी की ओर सबसे अधिक यातायात देखा गया। वीकेंड के दौरान यहां 2,870 कारें, 59 बसें और टेम्पो ट्रैवलर, और करीब 1,700 दोपहिया वाहन आए। इससे देहरादून-मसूरी मार्ग पर कई स्थलों पर ट्रैफिक का भारी दबाव रहा।
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे और प्रेमनगर हाईवे पर चुनौतियां
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे और प्रेमनगर हाईवे पर भी वाहनों की संख्या में अचानक वृद्धि हुई, जिसके चलते पुलिस प्रशासन को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ी। यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए पूरे जिले को चार सुपर जोन, 10 जोन और 19 सेक्टरों में विभाजित किया गया था।
डायवर्जन प्लान से स्थिति को संभालने का प्रयास
भारी ट्रैफिक के मद्देनजर पुलिस ने बहुस्तरीय डायवर्जन योजना लागू की। इसके तहत वाहनों के लिए अलग एंट्री और एग्जिट सिस्टम बनाया गया। इसके अलावा, मसूरी जाने वाले वाहनों को जाम से बचाने के लिए वैकल्पिक किमाड़ी मार्ग का भी सहारा लिया गया।
जनता की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्था
पुलिस ने 12 मोबाइल टीमें सड़कों पर सक्रिय रूप से गश्त करने के लिए तैनात कीं। स्थानीय थाना पुलिस, ट्रैफिक पुलिस और अभियोजन विभाग के कर्मचारी भी पूरे दौरान मौजूद रहे। गूगल मैप पर ट्रैफिक डायवर्जन और वैकल्पिक मार्गों की लाइव जानकारी के माध्यम से पर्यटकों को राहत पहुंचाई गई।
वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में ट्रैफिक प्रबंधन
वरिष्ठ ट्रैफिक अधिकारियों ने न सिर्फ दिन में तीन से चार बार विभिन्न तैनाती स्थलों का निरीक्षण किया, बल्कि पर्यटकों को सुरक्षित और सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिए दिशा-निर्देश भी प्रदान किए।
इस स्थिति ने यह साबित कर दिया है कि पर्यटन स्थलों की आवागमन व्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए योजना और संसाधनों की आवश्यकता है। इस सप्ताहांत की घटनाएँ दर्शाती हैं कि पर्यटन वृद्धि के साथ-साथ ट्रैफिक प्रबंधन को और अधिक सुदृढ़ करने की आवश्यकता है।
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टीम नेटा नागरी, साक्षी जोशी
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