देश को मिले 109 युवा IFS अधिकारी, महाराष्ट्र की प्रतीक्षा काले बनीं टॉपर, केंद्रीय मंत्री ने दिए पदक और प्रमाणपत्र - Netaa Nagari

देहरादून इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी (आईजीएनएफए) के दीक्षा समारोह में वर्ष 2024-26 पाठ्यक्रम के प्रशिक्षु आईएफएस अधिकारी पासआउट होकर अपने-अपने कैडर में सेवा देने के लिए तैयार हैं। भारतीय…

Aug 3, 2026 - 09:37
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देश को मिले 109 युवा IFS अधिकारी, महाराष्ट्र की प्रतीक्षा काले बनीं टॉपर, केंद्रीय मंत्री ने दिए पदक और प्रमाणपत्र - Netaa Nagari
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देश को मिले 109 युवा IFS अधिकारी, महाराष्ट्र की प्रतीक्षा काले बनीं टॉपर

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कम शब्दों में कहें तो, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी (आईजीएनएफए) में 2024-26 पाठ्यक्रम के 109 प्रशिक्षु आईएफएस अधिकारियों ने सफलता प्राप्त की।

देहरादून में आयोजित दीक्षांत समारोह में, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी (आईजीएनएफए) के प्रशिक्षु भारतीय वन सेवा (आईएफएस) अधिकारी पासआउट हुए, जो अब अपने-अपने कैडर में सेवा देने के लिए तैयार हैं। इस अवसर पर केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने सफल अधिकारियों को प्रमाणपत्र और पदक प्रदान किए। IFS Training

IFS अधिकारियों के कैडर

इस वर्ष कुल 109 युवा वनाधिकारी भारतीय वन सेवा में शामिल हुए हैं। इसमें से 11 अधिकारी मध्य प्रदेश को, और 5 अधिकारी उत्तराखंड को मिले हैं। महाराष्ट्र की प्रतीक्षा नानासाहेब काले ने इस वर्ष टॉप किया है, जिन्होंने राजस्थान कैडर में अपनी विशेषता प्राप्त की है।

भूपेंद्र यादव का संदेश

दीक्षांत समारोह में, केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने उपस्थित अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि ये युवा अधिकारी 'विकसित भारत-2047' के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने बताया कि भविष्य में जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता के क्षरण और मरुस्थलीकरण जैसी चुनौतियों का सामना करना होगा।

आधुनिक तकनीक और नैतिक मूल्य

इसके अलावा, केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि अधिकारियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और अन्य आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल केवल आंकड़ों के विश्लेषण से नहीं, बल्कि मानवता के लिए व्यावहारिक समाधान विकसित करने में करना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से उच्च नैतिक मूल्यों, समय का सही उपयोग, त्याग और करुणा के साथ कार्य करने का आह्वान किया।

आईजीएनएफए का योगदान

आईजीएनएफए के निदेशक डॉ. राजेंद्र प्रसाद खजूरिया ने यह बताया कि इस संस्थान ने 1938 से लगातार देश में और अन्य 14 मित्र देशों के 369 वन अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया है। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य युवा अधिकारियों को बेहतर वन प्रबंधन के लिए तैयार करना है।

युवा वन अधिकारियों की सफलता न केवल उनके लिए, बल्कि देश के लिए भी गर्व का विषय है। भारत में वनाधिकार और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में इनका योगदान आने वाले समय में महत्वपूर्ण रहेगा। इसके साथ ही, भारतीय वन सेवा में शामिल हो चुके ये युवा अधिकारी उनकी क्षमता और ज्ञान के साथ नए संकल्पों को आकार देंगे।

आगामी चुनौतियों के लिए उन्हें हमेशा तैयार रहना होगा और अपनी शिक्षा को व्यावहारिक जीवन में उतारने की आवश्यकता होगी। सरकार और वन अनुसंधान संस्थान से मिली दिशा-निर्देशों का पालन करके ये अधिकारी देश के लिए नई ऊंचाइयों को छू सकते हैं।

युवाओं को प्रेरित करने के लिए, हमें इन सफलताओं का जश्न मनाना चाहिए और इससे सीखा जाना चाहिए कि किस प्रकार नई पीढ़ी के अधिकारी ज्ञान और विज्ञान का इस्तेमाल करके भारत की वन नीति को मजबूत बना सकते हैं।

इन युवा अधिकारियों की सफलता पर हमें गर्व है और हम उन्हें आने वाले कार्यों के लिए शुभकामनाएँ देते हैं।

इसके अलावा, अधिक अपडेट के लिए यहाँ क्लिक करें.

Signed off by, आरती मेहरा, Team Netaa Nagari

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