जिलाधिकारी ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए दिए आवश्यक दिशा निर्देश

के एस असवाल गौचर चमोली : कूड़ा निस्तारण व्यवस्था, डम्प साइट प्रबंधन, कम्पैक्टर संचालन एवं स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक

May 20, 2026 - 00:37
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जिलाधिकारी ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए दिए आवश्यक दिशा निर्देश
जिलाधिकारी ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए दिए आवश्यक दिशा निर्देश

जिलाधिकारी ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए दिए आवश्यक दिशा निर्देश

कम शब्दों में कहें तो, जिलाधिकारी गौरव कुमार ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों को प्रभावी बनाने हेतु कई दिशा-निर्देश दिए हैं, ताकि कूड़ा निस्तारण और स्वच्छता व्यवस्था को दुरुस्त किया जा सके।

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के एस असवाल गौचर चमोली : कूड़ा निस्तारण व्यवस्था, डम्प साइट प्रबंधन, कम्पैक्टर संचालन एवं स्वच्छता व्यवस्था की स्थिति सुधारने के लिए जिलाधिकारी गौरव कुमार ने एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक का उद्देश्य ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन की योजना बनाना था।

बैठक में जनपद की कूड़ा निस्तारण व्यवस्था और डम्प साइट प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि वे सुनिश्चित करें कि सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट (SWM) रूल्स का सख्ती से पालन किया जाए। इसके लिए उन्होंने एक विशेष प्रकोष्ठ बनाने का निर्देश दिया, जो नियमों के अनुपालन की नियमित निगरानी करेगा।

इस प्रकोष्ठ को बल्क वेस्ट जनरेटर्स (BWGs) द्वारा नियमों के उल्लंघन पर तत्काल कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया गया। बड़े संस्थानों और होटलों के जल एवं विद्युत संयोजन काटने की कार्रवाई भी आवश्यक होने पर की जाएगी।

जिलाधिकारी ने यह भी निर्दिष्ट किया कि गठित प्रकोष्ठ हर दो हफ्ते में डम्प साइट्स का निरीक्षण करेगा और निरीक्षण रिपोर्ट, जिसमें फोटो भी शामिल होंगी, जिलाधिकारी कार्यालय को उपलब्ध कराएगा। इसके अतिरिक्त, उन्होंने जिला पंचायत को कम्पैक्टर मशीनों के संचालन की अद्यतन जानकारी जल्द देने का निर्देश दिया।

बैठक में वन विभाग के अधिकारियों से भी कूड़ा निस्तारण व्यवस्था के बारे में जानकारी ली गई। यदि कूड़ा निस्तारण के लिए अतिरिक्त वित्तीय जरूरत हो, तो उन्हें प्रस्ताव तैयार करने के लिए कहा गया।

जिलाधिकारी ने यह निर्देश दिया कि नगर क्षेत्र को ‘डम्पसाइट शून्य’ बनाना अनिवार्य है और लीगेसी वेस्ट का पूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए जाएं। इसके साथ ही, हर वार्ड में विभिन्न स्थानों पर (रीड्यूस - रीयूज - रिसायकल) केन्द्र स्थापित किए जाने का प्रस्ताव दिया गया।

बैठक में परियोजना निदेशक आनंद सिंह भाकुनी, डीपीआरओ रमेश चंद्र त्रिपाठी, कार्य अधिकारी जिला पंचायत हर्ष गुप्ता तथा अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद थे।

अधिक जानकारी के लिए, कृपया [Netaa Nagari](https://netaanagari.com) पर जाएं।

सदस्य: टीम नेटा नगरी, रेखा मित्तल

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