उत्तराखंड के पूर्व मुख्य सचिव के बेटे का बड़ा ठगी का मामला: गृह मंत्रालय का फर्जी अधिकारी गिरफ्तार
Rajkumar Dhiman, Dehradun: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में पुलिस ने एक हाई-प्रोफाइल ठगी के मामले में उत्तराखंड के पूर्व मुख्य सचिव और पूर्व आईएएस अधिकारी एस रामस्वामी के बेटे यशवर्धन को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि वह खुद को कभी गृह मंत्रालय का अधिकारी, कभी रक्षा मंत्रालय से जुड़ा अधिकारी और कभी भारतीय सेना … The post उत्तराखंड के पूर्व मुख्य सचिव का बेटा गिरफ्तार, बन बैठा गृह मंत्रालय का फर्जी अधिकारी appeared first on Round The Watch.
उत्तराखंड के पूर्व मुख्य सचिव के बेटे का बड़ा ठगी का मामला: गृह मंत्रालय का फर्जी अधिकारी गिरफ्तार
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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड के पूर्व मुख्य सचिव एस रामस्वामी के बेटे यशवर्धन को पुलिस ने देहरादून में गिरफ्तार किया है। वह खुद को सरकारी अधिकारी बताकर लोगों से ठगी कर रहा था।
राजकुमार धीमान, देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में पुलिस ने एक हाई-प्रोफाइल ठगी के मामले में उत्तराखंड के पूर्व मुख्य सचिव और पूर्व आईएएस अधिकारी एस रामस्वामी के बेटे यशवर्धन को गिरफ्तार किया है। यशवर्धन पर आरोप है कि वह खुद को विभिन्न सरकारी विभागों, जैसे गृह मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय के अधिकारी बताकर लोगों से लाखों रुपये की ठगी कर रहा था।
पुलिस के अनुसर, आरोपी ने दिल्ली निवासी एक युवती को अपने ऊंचे राजनीतिक और प्रशासनिक संपर्कों का झांसा देकर विश्वास में लिया। उसने युवती से लगभग 4.5 लाख रुपये ऐंठ लिए, लेकिन पैसे लेने के बाद वह लगातार और पैसों की मांग करता रहा। अंत में युवती को पुलिस में शिकायत दर्ज करानी पड़ी।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर तुरंत मामले की जांच शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर आखिरकार यशवर्धन को गिरफ्तार कर लिया गया। सूत्रों के अनुसार, आरोपी लंबे समय से लोगों को संघीय अधिकारियों का झांसा देकर उनके विश्वास का दुरुपयोग कर रहा था।
सेना की वर्दी, बैज और वॉकी-टॉकी बरामद
गिरफ्तारी के समय पुलिस ने यशवर्धन के पास से भारतीय सेना की वर्दी, बैज, कैप और वॉकी-टॉकी बरामद किए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यशवर्धन इन वस्तुओं का इस्तेमाल खुद को वरिष्ठ सैन्य अधिकारी के रूप में पेश करने और लोगों पर रौब जमाने के लिए करता था।
होटलों में धोखाधड़ी
पुलिस जांच में यह भी पता चला है कि आरोपी कई होटलों में ठहरने के बाद बिना भुगतान किए निकल जाता था। जब होटल के कर्मचारी और सुरक्षा गार्ड उसका विरोध करते थे, तो वह खुद को बड़ा अधिकारी बताकर उन्हें धमकाने या गुमराह करने की कोशिश करता था। यह भी स्पष्ट हो गया है कि उसका यह धोखाधड़ी का खेल लंबा समय से चल रहा था।
और भी शिकायतें आने की आशंका
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कई धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। इस दौरान आरोपी द्वारा की गई अन्य कथित ठगी और फर्जीवाड़े की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि हो सकता है कि इस मामले में और भी पीड़ित सामने आएं।
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यह मामला सिर्फ एक ठगी की कहानी नहीं है, बल्कि यह उन लोगों के लिए चेतावनी है जो अपनी पहचान और सतर्कता को नजरअंदाज करते हैं। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई करने की आवश्यकता है ताकि अन्य लोग भी प्रभावित न हों।
रिपोर्टिंग: संजना रावत
टीम नेटआ नागरी
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