उत्तराखंड के अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्कर परविंदर सिंह का मामला: ईडी को मिली राहत, फिर से शुरू होगा ट्रायल

Rajkumar Dhiman, Dehradun: देहरादून स्थित पीएमएलए (प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) की विशेष अदालत ने हल्द्वानी निवासी परविंदर सिंह से जुड़े बहुचर्चित अंतरराष्ट्रीय बिटकॉइन और ड्रग तस्करी से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में महत्वपूर्ण आदेश पारित किया है। सुप्रीम कोर्ट और उत्तराखंड हाईकोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए अदालत ने आरोपी को सुनवाई का … The post उत्तराखंड के अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्कर परविंदर के मामले में ईडी को राहत, दोबारा चल सकेगा केस appeared first on Round The Watch.

Jul 22, 2026 - 00:37
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उत्तराखंड के अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्कर परविंदर सिंह का मामला: ईडी को मिली राहत, फिर से शुरू होगा ट्रायल
उत्तराखंड के अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्कर परविंदर सिंह का मामला: ईडी को मिली राहत, फिर से शुरू होगा ट्रायल

उत्तराखंड के अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्कर परविंदर सिंह का मामला: ईडी को मिली राहत, फिर से शुरू होगा ट्रायल

कम शब्दों में कहें तो: देहरादून स्थित पीएमएलए की विशेष अदालत ने परविंदर सिंह से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में नए सिरे से सुनवाई करने का आदेश दिया है। सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए अब नियमित ट्रायल आगे बढ़ सकेगा।

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राजकुमार धीमान, देहरादून: देहरादून के पीएमएलए (प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) की विशेष अदालत ने हल्द्वानी निवासी परविंदर सिंह के खिलाफ चल रहे बहुचर्चित अंतरराष्ट्रीय बिटकॉइन और ड्रग तस्करी के मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की मूल अभियोजन शिकायत पर दोबारा संज्ञान लेते हुए आरोपी को उचित सुनवाई का अवसर दिया है। इसके परिणामस्वरूप, इस मामले में अब नियमित ट्रायल फिर से चल सकेगा।

ईडी की जांच की पृष्ठभूमि

यह जांच अमेरिका के न्याय विभाग (US Department of Justice) द्वारा भेजी गई सूचना के आधार पर की गई थी। जानकारी के मुताबिक, ईडी ने जुलाई 2023 में म्यूचुअल लीगल असिस्टेंस ट्रीटी (MLAT) के तहत ईसीआईआर (ECIR) दर्ज किया। ईडी का आरोप है कि परविंदर सिंह और उसके भाई बनमीत सिंह ने डार्क वेब के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ड्रग तस्करी की और उस धन को क्रिप्टोकरेंसी के जरिए छिपाने का प्रयास किया।

साक्ष्य और बिटकॉइन की बरामदगी

जांच के दौरान, ईडी ने अदालत में बताया कि "सिंह ऑर्गेनाइजेशन" ने डार्क वेब से मादक पदार्थों की बिक्री करते हुए 8088 बिटकॉइन अर्जित किए। इन्हें विभिन्न क्रिप्टो वॉलेट और मिक्सिंग सेवाओं के जरिए ट्रांसफर करके उनकी पहचान छिपाने की कोशिश की गई। अदालत को बताया गया कि 268.22 बिटकॉइन अपराध की आय से संबंधित हैं, जो सीज कर किए गए।

हालांकि, बचाव पक्ष ने कई तकनीकी और कानूनी दलीलें प्रस्तुत कीं। उनका तर्क था कि वॉलेट में कुल 370.7 बिटकॉइन थे, जबकि ईडी ने मात्र 268.22 बिटकॉइन जब्त किए। इसके अलावा, आरोपी ने यह भी कहा है कि उसके बयानों को दबाव में दर्ज किया गया है।

ईडी और अदालत की दलीलें

ईडी ने अदालत को कहा कि प्रारंभिक चरण में केवल यह देखना होगा कि क्या मुकदमा चलाने योग्य सामग्री उपलब्ध है। अदालत ने दोनो पक्षों की दलीलें सुनने के बाद स्वीकार किया कि उसी आधार पर सुनवाई की जा सकती है।

सरल भाषा में समझें फैसला: अदालत ने इस आदेश को आरोपी को दोषी ठहराने के रूप में नहीं देखा, बल्कि केवल यह माना है कि मुकदमे की सुनवाई आगे बढ़ सकती है। ट्रायल के दौरान सभी पक्षों को अपने साक्ष्य पेश करने का अवसर मिलेगा।

सुप्रीम कोर्ट की भूमिका

इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने पहले अदालत द्वारा जारी किए गए संज्ञान आदेश को खारिज किया था, क्योंकि आरोपी को पूर्व सुनवाई का अवसर नहीं दिया गया था। इस बार ईडी ने सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए सभी प्रारंभिक प्रक्रियाएँ पूरी की हैं।

मामले की पूरी पृष्ठभूमि: अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क

यह मामला हल्द्वानी निवासी बनमीत सिंह नरूला और उसके भाई परविंदर सिंह से जुड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग से संबंधित है, जिसमें अमेरिका से मिली जानकारी के आधार पर ईडी ने कार्रवाई की थी। जांच के अनुसार, दोनों भाइयों ने डार्क वेब पर मादक पदार्थों की बिक्री की और भारी मात्रा में बिटकॉइन अर्जित किया। ईडी ने इस संदर्भ में बड़ी संख्या में संपत्तियां भी कुर्क की हैं।

अंत में, ईडी का कहना है कि मामले में और कार्रवाई जारी है और आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं।

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Team Netaa Nagari - Anjali Sharma

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