आनंदशाला शिविर की सोशल इंटर्नशिप का सफल समापन, प्रशिक्षुओं को सम्मानित किया गया

‘आनंदशाला शिविर’ की सोशल इंटर्नशिप का समापन, प्रशिक्षुओं को वितरित किए गए प्रमाण पत्  दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र के

Aug 2, 2026 - 18:37
 112  4.5k
आनंदशाला शिविर की सोशल इंटर्नशिप का सफल समापन, प्रशिक्षुओं को सम्मानित किया गया
आनंदशाला शिविर की सोशल इंटर्नशिप का सफल समापन, प्रशिक्षुओं को सम्मानित किया गया

आनंदशाला शिविर की सोशल इंटर्नशिप का सफल समापन, प्रशिक्षुओं को सम्मानित किया गया

Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - Netaa Nagari

कम शब्दों में कहें तो, 'आनंदशाला शिविर' की सोशल इंटर्नशिप का समापन हो गया, जिसमें प्रशिक्षुओं को प्रमाण पत्र वितरित किए गए।

देहरादून। दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र के सहयोग से आयोजित “आनंदशाला शिविर” की सोशल इंटर्नशिप का समापन समारोह 31 जुलाई 2026 को आयोजित किया गया। यह शिविर एक माह की अवधि में संस्कृति, शोध और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में युवाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से कार्यक्रम का हिस्सा रहा।

समापन समारोह में प्रशिक्षुओं को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए और साथ ही दून पुस्तकालय एवं संग्रहालय का भ्रमण भी कराया गया। समारोह की अध्यक्षता अखिल भारतीय पुरोहित महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष पं. रमेश लेखवार ‘अत्रि’ ने की। इस अवसर पर राष्ट्रीय कवि श्रीकांत श्री मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे जबकि सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता राजेश प्रताप विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद थे।

समारोह में विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति

समारोह का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। वरिष्ठ अधिवक्ता राजेश प्रताप ने अपने संबोधन में युवाओं को न्याय, संविधान और राष्ट्रप्रेम के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को राष्ट्र की सेवा में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।

जय भगवान गोयल ने प्रशिक्षुओं को समाज सेवा के क्षेत्र में अगले कदम उठाने का संदेश दिया, जो कि भविष्य में उनके करियर के लिए भी महत्वपूर्ण साबित होगा। उन्होंने बताया कि यह इंटर्नशिप उनके लिए एक बड़ा अवसर थी, जिससे उन्होंने समाज की भलाई के लिए नई दिशा में कार्य करने की प्रेरणा प्राप्त की।

मुख्य अतिथि श्रीकांत श्री ने संस्थान के संस्थापक डॉ. स्वामी एस. चंद्रा द्वारा किए जा रहे सामाजिक कार्यों की सराहना की। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाएं। अध्यक्ष पं. रमेश लेखवार ‘अत्रि’ ने जीवन में अनुशासन और संस्कारों के महत्व पर जोर दिया, जिससे युवा अपनी संस्कृति को भी समझ सकें।

प्रशिक्षुओं का अनुभव

दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र के कई सदस्य और कार्यक्रम के मेंटरों ने उपस्थित होकर प्रशिक्षुओं को प्रमाण पत्र प्रदान किए। इंटर्नशिप में यूपीईएस, देवभूमि उत्तराखंड यूनिवर्सिटी, उत्तरांचल यूनिवर्सिटी, आईएमएस, डॉल्फिन इंस्टीट्यूट, और सिंबायोसिस, पुणे के विद्यार्थियों ने भाग लिया।

प्रशिक्षुओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि यह अवसर उन्हें उत्तराखंड की संस्कृति, सामाजिक कार्यों और शोध गतिविधियों के वास्तविक अनुभव से जोड़ा। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम ने उन्हें न केवल ज्ञान प्रदान किया बल्कि समाज में अपने योगदान के लिए भी प्रेरित किया।

भविष्य की योजनाएँ

इस कार्यक्रम का संचालन उपासना गौड़ ने किया। अंत में, डॉ. स्वामी एस. चंद्रा ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का धन्यवाद किया और कहा कि उनकी संस्था भविष्य में भी इस प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन करती रहेगी, जिससे युवा संस्कृति संरक्षण, सामाजिक सरोकारों और शोध गतिविधियों से जुड़ सकें।

समारोह में राम प्रसाद सुंडली, डॉ. योगेश धस्माना, अमित, महेन्द्र सिंह राणा, दिव्यांश और अन्य अनेक गणमान्य लोग उपस्थित थे।

इस प्रकार, 'आनंदशाला शिविर' की सोशल इंटर्नशिप ने युवाओं में जागरूकता और सामाजिक योगदान की भावना जगाने का कार्य किया है।

अधिक अपडेट्स के लिए, यहाँ क्लिक करें.

सादर,
टीम नेटaa नागरी
साक्षी शर्मा

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow