अन्य पिछड़ा आयोग की अध्यक्षता में शिकायती प्रकरणों पर सुनवाई, दिए गए सख्त निर्देश

देहरादून उत्तराखण्ड अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग, अध्यक्ष संजय नेगी की अध्यक्षता में सोमवार को कार्यालय में आयोग को प्राप्त विभिन्न शिकायती प्रकरणों पर सुनवाई की गई। आयोग द्वारा सतबीर सिंह,…

Apr 28, 2026 - 09:37
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अन्य पिछड़ा आयोग की अध्यक्षता में शिकायती प्रकरणों पर सुनवाई, दिए गए सख्त निर्देश
अन्य पिछड़ा आयोग की अध्यक्षता में शिकायती प्रकरणों पर सुनवाई, दिए गए सख्त निर्देश

अन्य पिछड़ा आयोग की अध्यक्षता में शिकायती प्रकरणों पर हुई सुनवाई

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कम शब्दों में कहें तो: उत्तराखण्ड के अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग की अध्यक्षता में विभिन्न शिकायती प्रकरणों पर गंभीरता से सुनवाई हुई, जिसमें आयोग ने सख्त दिशा-निर्देश दिए हैं।

देहरादून: उत्तराखण्ड अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग, जिसकी अध्यक्षता संजय नेगी कर रहे हैं, ने सोमवार को अपने कार्यालय में प्राप्त विभिन्न शिकायती प्रकरणों पर सुनवाई की। इस सुनवाई में आयोग ने शिकायतकर्ताओं के बयानों को ध्यानपूर्वक सुना और विभिन्न महत्वपूर्ण मसलों पर विचार किया। आयोग द्वारा कुल 06 शिकायती प्रकरणों की सुनवाई की गई। इनमें मुख्य रूप से बाहरी अनुबंधों, शिक्षा से संबंधित मामले, तथा जाति प्रमाण पत्र जारी करने से संबंधित मामलों पर चर्चा हुई।

सुनवाई की प्रक्रियाएं और संबंधित मामलों पर निर्देश

सुनवाई के दौरान आयोग ने सबसे पहले शिकायतकर्ताओं का पक्ष सुना। इनमें से एक मामला सतबीर सिंह का था, जो बाजपुर, उधमसिंहनगर से संबंधित था। इस प्रकरण में धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया था। आयोग की ओर से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, उधमसिंहनगर का प्रतिनिधित्व मुकेश चन्द्र, अपर उप निरीक्षक ने किया। परंतु, अध्यक्ष संजय नेगी द्वारा इस प्रकरण की जानकारी से असंतोष व्यक्त किया गया और उन्होंने संबंधित क्षेत्राधिकारी से दूरभाष पर चर्चा कर कड़ी निर्देश दिए कि मामले की त्वरित और निष्पक्ष जांच की जाए। आयोग ने मामले की स्थिति को 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट करने के लिए कहा है।

शिकायती प्रकरणों का विस्तृत विवरण

संतोष देवी के अवशेष देयकों संबंधी शिकायती प्रकरण में मुख्य शिक्षा अधिकारी, उधमसिंहनगर के प्रतिनिधि गिरीश चन्द्र आर्य और शिकायतकर्ता उपस्थित हुए। आयोग ने दोनों पक्षों को सुना और निर्देश दिए कि प्रार्थी को दिए गए सभी देयकों की तालिका आयोग को उपलब्ध कराई जाए।

मनवीर सिंह एवं ईशम सिंह के मृतक आश्रित नियुक्ति के मामले में मुख्य शिक्षा अधिकारी की अनुपस्थिति पर अध्यक्ष ने गहरी नाराज़गी व्यक्त की। इस पर आयोग ने संबंधित अधिकारियों को तेजी से कार्यवाही करने के लिए कहा।

कुलदीप के जाति प्रमाण पत्र संबंधी मामले में तहसीलदार, नारायणबगड़ को तुरंत आदेश दिया गया कि प्रार्थी का जाति प्रमाण पत्र शीघ्र उपलब्ध कराया जाए। चेतन के मारपीट प्रकरण में आयोग को बताया गया कि एक आपसी समझौता हो चुका है और इससे मामला निस्तारित किया जा सकता है।

आयोग के सदस्यों की प्रस्तुति

सुनवाई के दौरान आयोग के उपाध्यक्ष श्याम डोभाल, सचिव गोरधन सिंह, तथा अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर मामले पर विचार किया और सकारात्मक समाधान के लिए दिशा-निर्देश प्रदान किए। आयोग ने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि सभी शिकायतों का त्वरित और उचित समाधान किया जाए।

आयोग ने अपने सभी संदर्भित मामलों को गंभीरता से लिया है और भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं के पुनरावृत्ति को रोकने के लिए सख्त दिशा-निर्देश दिए हैं। आयोग की इस सक्रियता से उम्मीद है कि अन्य पिछड़े वर्ग के लोगों के साथ न्याय होगा।

इन प्रकरणों के लिए स्वयं की दृष्टि रखते हुए, आयोग ने अधिकारियों से अपेक्षा की है कि वे अपनी जिम्मेदारी को पूरी तत्परता से निभाएं। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि ऐसी लापरवाही में कोई पुनरावृत्ति होती है, तो संबंधित अधिकारियों पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

अधिक जानकारी के लिए, कृपया हमारी वेबसाइट Netaa Nagari पर जाएं।

भविष्य में आयोग की कार्रवाई और संगठन द्वारा किए गए प्रयासों के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए हमारे संपर्क में रहें।

सादर,

Team Netaa Nagari, कमला देवी

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