स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा 2026: 300 विद्यार्थियों ने एच.एन. इंटर कॉलेज में सीखा कचरा पृथक्करण और ‘3R’ की तकनीकें
स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा 2026 के 25वें दिन एच.एन. इंटर कॉलेज में 300 विद्यार्थियों को स्रोत पर कचरा पृथक्करण एवं 3R की दी गई जानकारी हल्द्वानी, 15 अक्टूबर 2026 (सू.वि.)।…
स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा 2026: 300 विद्यार्थियों ने एच.एन. इंटर कॉलेज में सीखा कचरा पृथक्करण और ‘3R’ की तकनीकें
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कम शब्दों में कहें तो
स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा 2026 के 25वें दिन, एच.एन. इंटर कॉलेज में 300 विद्यार्थियों को कचरा पृथक्करण और ‘3R’ तकनीकों का ज्ञान दिया गया।
हल्द्वानी, 15 अक्टूबर 2026 (सू.वि.)। स्वच्छ भारत मिशन की दिशा में किए गए प्रयासों के तहत, 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक चलने वाले स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा 2026 के क्रम में आज एच.एन. इंटर कॉलेज में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह पखवाड़ा नगर आयुक्त, नगर निगम हल्द्वानी-काठगोदाम परितोष वर्मा के दिशा-निर्देशन में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को स्रोत पर कचरा पृथक्करण एवं ‘3R’ (Reduce, Reuse, Recycle) की जानकारी देना था। 300 विद्यार्थियों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया और सक्रिय रूप से विभिन्न गतिविधियों में शामिल हुए। कचरा प्रबंधन के इस महत्वपूर्ण पहलू को समझाया गया, जिससे विद्यार्थी न केवल अपने आसपास के पर्यावरण को साफ रखने के लिए प्रेरित होंगे, बल्कि दूसरों को भी इसके लिए जागरूक करेंगे।
कचरा पृथक्करण की महत्ता
कचरा पृथक्करण, यानि कचरे का अलग-अलग वर्गीकरण, हमारे पर्यावरण के संरक्षण में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जब हम कचरे को उसके स्रोत पर ही अलग-अलग करते हैं, तो इसे पुनर्चक्रण के लिए तैयार करना आसान हो जाता है। इसके अलावा, यह न केवल कचरे की मात्रा को कम करता है, बल्कि हमारे पर्यावरण को भी सुरक्षित रखने में मदद करता है।
‘3R’ की तकनीकें
‘3R’ की तकनीकों में Reduce (कम करना), Reuse (फिर से उपयोग करना) और Recycle (पुनर्चक्रण करना) शामिल हैं। ये तकनीकें हमारे जीवन में सरलता और सामर्थ्य लाने के लिए बहुत आवश्यक हैं। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को इन तीनों पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की गई।
इस पखवाड़े के अन्य गतिविधियाँ
स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा 2026 के अंतर्गत, अन्य स्कूलों और कॉलेजों में भी इसी प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य न केवल स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना है, बल्कि विद्यार्थियों में जिम्मेदारी का भी विकास करना है। सेमिनार, वर्कशॉप और कार्यशालाएँ जैसे विभिन्न तरीकों से शैक्षिक संस्थानों में साफ-सफाई और स्वच्छता का माहौल बनाया जा रहा है।
निष्कर्ष
स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा 2026 का यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण शिक्षा का माध्यम रहा। कचरा पृथक्करण और ‘3R’ तकनीकों का ज्ञान विद्यार्थियों के दिमाग में एक सकारात्मक बदलाव लाने में मदद करेगा। हमें विश्वास है कि ये युवा अपने सीखने से न केवल अपने अपार्टमेंट बल्कि अपने पूरे समाज को एक बेहतर और स्वच्छ स्थान बनाने में मदद करेंगे।
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सादर, टीम नेटा नागरी
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