देवप्रयाग में हुई दर्दनाक दुर्घटना: 150 मीटर गहरी खाई में गिरी वैगनआर, महिला और चालक की मौत, तीन घायल
Aryan Walia, Uttarakhand: उत्तराखंड में चारधाम यात्रा मार्ग पर हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार सुबह टिहरी गढ़वाल के देवप्रयाग में चंडीगढ़ से रुद्रप्रयाग जा रही यात्रियों से भरी मारुति सुजुकी वैगनआर करीब 150 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में बुजुर्ग महिला और कार चालक की मौत हो … The post देवप्रयाग में 150 मीटर गहरी खाई में गिरी वैगनआर, महिला और चालक की मौत, तीन घायल appeared first on Round The Watch.
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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड में चारधाम यात्रा मार्ग पर एक और भयानक हादसा सामने आया है, जिसमें एक महिला और कार चालक की जान चली गई।
Aryan Walia, Uttarakhand: उत्तराखंड के चारधाम यात्रा मार्ग पर हादसों की श्रृंखला खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। गुरुवार की सुबह टिहरी गढ़वाल के देवप्रयाग में चंडीगढ़ से रुद्रप्रयाग जा रही यात्रियों से भरी मारुति सुजुकी वैगनआर करीब 150 मीटर गहरी खाई में गिर गई। इस भयानक हादसे में एक 72 वर्षीया बुजुर्ग महिला और कार के चालक की मृत्यु हो गई, जबकि तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घटना के बाद आसपास के क्षेत्र में चीख-पुकार मच गई।
हादसा 15 अक्टूबर की सुबह घटित हुआ, जब वाहन लगभग चार किलोमीटर दूर पाली गांव स्थित रिवर व्यू कैफे के पास अचानक अनियंत्रित हो गया। यह कार पंचकूला, हरियाणा के रजिस्ट्रेशन नंबर (HR-68 C 1242) की थी और पूजा के लिए रुद्रप्रयाग जा रही थी। कार में चालक समेत कुल पाँच लोग सवार थे।
घटना की त्वरित प्रतिक्रिया
दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और ग्रामीण मौके पर पहुँच गए। उन्होंने एसडीआरएफ की टीम के आने से पहले ही बचाव कार्य शुरू कर दिया और तीन घायल व्यक्तियों को खाई से बाहर निकाल लिया। घायलों की पहचान उत्तम सिंह (33), टीशा रावत (18), और सुनीता देवी (45) के रूप में हुई है, जिनका उपचार नजदीकी अस्पताल में किया जा रहा है।
मृतकों की पहचान और खोज अभियान
हादसे के बाद एसडीआरएफ की टीम घटनास्थल पर पहुंची, जिससे घायलों को निकालने में मदद मिली। टीम ने कठिनाइयों के बावजूद प्रस्तावित योजना के अनुसार खोज और बचाव अभियान चलाया।
इसके तहत, एक 72 वर्षीय महिला, सत्येश्वरी देवी और कार चालक अनिल के शवों को सुरक्षित रूप से बाहर निकाला गया। यह कार्य विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण था, क्योंकि खाई की भौगोलिक स्थिति इसके निष्पादन को कठिन बना रही थी।
राहत सामग्री का प्रबंधन
घटनास्थल से शवों को बाहर निकालने के लिए एसडीआरएफ की टीम ने एक वैकल्पिक रास्ता अपनाते हुए राफ्ट से शवों को नदी के पार कराते हुए सुरक्षित रूप से देवप्रयाग पहुंचाया। इसके बाद, शवों का पंचनामा और अन्य कानूनी कार्रवाई के लिए जिला पुलिस को सौंप दिया गया।
इस दुःखद घटनाक्रम के कारण, दो परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है और इस दौरान तीन लोग घायल हो गए हैं, जिनका उपचार अस्पताल में जारी है।
इस घटना ने चारधाम यात्रा मार्ग की सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं और स्थानीय प्रशासन को पुनः मार्ग की परिस्थितियों की जांच के लिए प्रेरित किया है। ऐसे में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम उठाए जाने की आवश्यकता है।
इस परीक्षण के दौरान, हमने देखा कि कैसे स्थानीय लोगों और पुलिस की त्वरित कार्यवाही से घायलों की जान बचाई जा सकी। फिर भी, यह स्थिति विचारणीय है कि ऐसी घटनाएं न केवल यात्रियों के लिए, बल्कि उनके परिवारों के लिए भी विपत्तियों का कारण बनती हैं।
फिलहाल, चोटिल व्यक्तियों का अस्पताल में उपचार जारी है और मृतकों के परिवारों को स्थानीय प्रशासन की ओर से सहायता दी जा रही है।
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Team Netaa Nagari - नीतू शर्मा
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