केदारनाथ यात्रा में 'सेल्फी का जुनून' बना दुर्दशा का कारण, SDRF ने बचाई घायल यात्री की जान
Rajkumar Dhiman, Uttarakhand: उत्तराखंड के दुर्गम पहाड़ी इलाकों में चल रही पवित्र केदारनाथ यात्रा के दौरान एक बार फिर लापरवाही जानलेवा साबित होते-होते बची। छोटी लिनचोली के पास बर्फीले ढलान पर सेल्फी लेने की कोशिश एक यात्री के लिए हादसे में बदल गई। धार्मिक यात्रा के दौरान इस तरह की मटरगश्ती वाली हरकतों को लेकर … The post केदारनाथ यात्रा मार्ग पर ‘सेल्फी का जुनून’ पड़ा भारी, बर्फ पर फिसलकर घायल हुआ यात्री, SDRF ने बचाई जान appeared first on Round The Watch.
केदारनाथ यात्रा में ‘सेल्फी का जुनून’ बना दुर्दशा का कारण, SDRF ने बचाई घायल यात्री की जान
कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड के केदारनाथ यात्रा मार्ग पर एक यात्री की लापरवाही ने उसके लिए जानलेवा स्थिति उत्पन्न कर दी। SDRF की मुस्तैदी के चलते उसे सुरक्षित बचा लिया गया।
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राजकुमार धीमान, उत्तराखंड: पवित्र केदारनाथ यात्रा के दौरान उत्तराखंड के दुर्गम पहाड़ी इलाकों में एक बार फिर लापरवाही के कारण एक बड़ा हादसा होते-होते रह गया। छोटी लिनचोली के पास बर्फीले ढलान पर सेल्फी लेने की कोशिश एक यात्री के लिए गंभीर दुर्घटना का कारण बन गई। श्रद्धालुओं को इस तरह की मटरगश्ती से बचने के लिए पूर्व में कई चेतावनियाँ दी जा चुकी हैं, लेकिन तीर्थयात्री अक्सर इस पर ध्यान नहीं देते हैं। यह हादसा उसी लापरवाही का एक उदाहरण है।
घटना की समय-सीमा
रविवार की शाम करीब 6:50 बजे, पुलिस चौकी लिनचोली से SDRF को सूचना मिली कि कुछ यात्री छोटी लिनचोली क्षेत्र में फंसे हुए हैं। सूचना मिलते ही SDRF की टीम, मुख्य आरक्षी मोहन सिंह के नेतृत्व में, तुरंत मौके के लिए रवाना हुई।
घटनास्थल की तसवीर
SDRF टीम ने जब घटनास्थल पर पहुंची, तो वहां का दृश्य भयानक था। मध्य प्रदेश के विदिशा निवासी 42 वर्षीय अनूप रैकवार बर्फ से ढके खतरनाक किनारे पर केवल एक सेल्फी के लिए चढ़ गए थे। लेकिन संतुलन बताने के साथ ही उनका पैर फिसल गया और वह नीचे गिर पड़े, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं।
SDRF का त्वरित रेस्क्यू ऑपरेशन
अन्य यात्री किसी तरह नीचे उतरने में सफल रहे, लेकिन घायल अनूप रैकवार को वहीं छोड़ना संभव नहीं था। SDRF टीम ने बिना समय गंवाए मौके पर प्राथमिक उपचार दिया और स्ट्रेचर के माध्यम से उन्हें सुरक्षित नीचे लाकर छोटी लिनचोली अस्पताल में भर्ती कराया। SDRF के सभी सदस्यों की तत्परता ने एक बड़े हादसे को टाल दिया।
‘सेल्फी का खतरा’ - यात्रा में बढ़ता जोखिम
केदारनाथ यात्रा मार्ग पर इस प्रकार की घटनाएँ अब आम होती जा रही हैं। बर्फ, ऊंचाई और फिसलन वाले रास्तों पर जरा से भी लापरवाही सीधे हादसे को आमंत्रित कर सकती है। यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को चाहिए कि वे अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें और ऐसे खतरनाक स्थानों पर सेल्फी लेने से सामंजस्य बनाए रखें।
इस घटना से हमें यह सीखने की आवश्यकता है कि हम जहां धार्मिक अनुभव के लिए गए हैं, वहीं सुरक्षा की भी ध्यान रखना आवश्यक है। इस यात्रा का आनंद सुरक्षित तरीके से ही लें।
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टीम नेटा नगरी द्वारा
साक्षी शर्मा
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