13 दिन से लापता इकलौता बेटा, सिद्धार्थ रमोला का सुराग नहीं मिल रहा - UKD ने पुलिस से तेज जांच की अपील

देहरादून। 19 वर्षीय सिद्धार्थ रमोला, पुत्र राकेश चन्द रमोला, निवासी लोहरवाला, किशन नगर, देहरादून, 30 जुलाई से लापता है। वह

Aug 12, 2026 - 18:37
 114  5k
13 दिन से लापता इकलौता बेटा, सिद्धार्थ रमोला का सुराग नहीं मिल रहा - UKD ने पुलिस से तेज जांच की अपील
13 दिन से लापता इकलौता बेटा, सिद्धार्थ रमोला का सुराग नहीं मिल रहा - UKD ने पुलिस से तेज जांच की अपील

13 दिन से लापता इकलौता बेटा, सिद्धार्थ रमोला का सुराग नहीं मिल रहा

कम शब्दों में कहें तो, 19 वर्षीय सिद्धार्थ रमोला, जो 30 जुलाई से लापता है, के मामले में अब तक कोई ठोस जानकारी नहीं मिली है। उसका परिवार और स्थानीय संगठन उससे जुड़ी हर जानकारी जुटाने में लगे हुए हैं।

देहरादून। 19 वर्षीय सिद्धार्थ रमोला, जो राकेश चन्द रमोला का इकलौता बेटा है, 30 जुलाई से लापता है। सिद्धार्थ अपने परिवार का राजदानी देहरादून में लोहरवाला, किशन नगर का निवासी है। परिजनों एवं पुलिस द्वारा लगातार की जा रही तलाश के बावजूद उसे अभी तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है।

सिद्धार्थ के लापता होने के संदर्भ में कुछ सीसीटीवी फुटेज सामने आए हैं, जिसमें वह देहरादून के विभिन्न स्थानों पर पैदल चलते हुए दिखाई दिया है। अंतिम बार उसकी गतिविधियाँ मोब्बेवाला-चंद्रबनी चौक के आसपास की देखी गई थीं, जहां वह एक अन्य युवक के साथ स्कूटी पर जा रहा था। यह footage निश्चित रूप से मामले की जांच में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

राजनीतिक दबाव और स्थानीय संगठन की मांग

सिद्धार्थ की खोज में तेजी लाने के लिए, उत्तराखण्ड क्रांति दल (UKD) के केंद्रीय महामंत्री राजेन्द्र बिष्ट ने देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने मांगी कि पुलिस सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन, तकनीकी सर्विलांस और स्कूटी की आवाजाही की गहनता से जांच करे।

इस अवसर पर उपस्थित महानगर अध्यक्ष प्रबीन चन्द रमोला ने कहा कि "13–14 दिन बीत जाने के बाद भी युवक का कोई सुराग नहीं मिलना बेहद चिंताजनक है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत कार्रवाई करने की अपील की ताकि सिद्धार्थ को उसके परिवार तक सुरक्षित पहुँचाया जा सके।"

सिद्धार्थ के माता-पिता और अन्य स्थानीय नेता जैसे गजेंद्र नेगी, अजय, राजीव नौटियाल, संतोष नौटियाल और आशुतोष भंडारी भी इस मामले में सक्रिय रूप से शामिल हैं। परिवार और स्थानीय समुदाय के लोगों ने सिद्धार्थ की जल्द से जल्द खोज के लिए पुलिस से चिंता और सहयोग की अपील की है।

सरकार की जिम्मेदारी और जांच प्रक्रिया

यह मामला केवल एक परिवार का नहीं, बल्कि समस्त राज्य का है। जब किसी युवा का लापता होना होता है, तो यह राज्य की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाता है। समाज के सभी वर्गों को इस मामले में एकजुटता से काम करना होगा ताकि वास्तविकता का पता लगाया जा सके और सीसीटीवी फुटेज से संदिग्धों की पहचान की जा सके।

मानवाधिकार संगठनों को भी इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करना चाहिए और पुलिस जांच में सहयोग करना चाहिए। स्थानीय मीडिया को भी इस मामले की कवरेज जारी रखनी चाहिए, जिससे दबाव बना रहे और सिद्धार्थ की खोज में तेजी लाई जा सके।

हम सभी को उम्मीद है कि सिद्धार्थ रमोला जल्द ही अपने परिवार के पास वापस लौटेंगे, और उस परिजनों की चिंता और दर्द का अंत होगा। इसके लिए हर संभव प्रयास करना आवश्यक है। प्रशासन को चाहिए कि वे इस मामले को गंभीरता से लें और आवश्यक कार्रवाई करें।

For more updates, visit Netaa Nagari.

Team Netaa Nagari - साक्षी शर्मा

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow