हल्द्वानी: दीपक रावत के प्रयासों से 14 साल बाद गीता बैरागी को मिला न्याय, भूमि रजिस्ट्री संपन्न

हल्द्वानी : श्रीमती गीता बैरागी पत्नी श्री किशन बैरागी, निवासी ऋषिकेश द्वारा सुनहरा कालौनी, किच्छा

Jun 2, 2026 - 00:37
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हल्द्वानी: दीपक रावत के प्रयासों से 14 साल बाद गीता बैरागी को मिला न्याय, भूमि रजिस्ट्री संपन्न
हल्द्वानी: दीपक रावत के प्रयासों से 14 साल बाद गीता बैरागी को मिला न्याय, भूमि रजिस्ट्री संपन्न

हल्द्वानी: दीपक रावत के प्रयासों से 14 साल बाद गीता बैरागी को मिला न्याय, भूमि रजिस्ट्री संपन्न

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कम शब्दों में कहें तो, 14 साल की लंबी लड़ाई के बाद गीता बैरागी को आखिरकार उनका न्याय मिल गया और उनकी जमीन की रजिस्ट्री हो गई। कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत के प्रयासों से यह संभव हो पाया है।

भूमि की खरीदी और रजिस्ट्री का विवाद

हल्द्वानी में गीता बैरागी, जो कि ऋषिकेश की निवासी हैं, ने वर्ष 2012 में सुनहरा कालौनी, किच्छा के श्री सकुन राय से 60 गज का भूखण्ड ₹95,000/- में खरीदा था। इस खरीद के बाद, गीता बैरागी ने विक्रेता से कई बार अनुरोध किया कि उनके नाम पर भूमि की रजिस्ट्री की जाए, लेकिन विक्रेता श्री सकुन राय ने उनसे रजिस्ट्री नहीं की। इसके बाद यह सामने आया कि इस भूखण्ड का वास्तविक स्वामी श्री सुनील ढाली हैं, जिन्होंने रजिस्ट्री के व्यय को लेकर संदेह व्यक्त किया।

कुमाऊं कमिश्नर का हस्तक्षेप

इस विवाद को सुलझाने के लिए गीता बैरागी ने कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत से मदद मांगी। यह मामला जब कमिश्नर की संज्ञान में आया, तो उन्होंने तत्काल कार्रवाई की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि गीता बैरागी की न्याय की मांग को गंभीरता से लिया जाए और उन्हें उनका हक दिलाया जाए।

न्याय और उम्मीद की नई किरण

कुमाऊं कमिश्नर के प्रयासों के परिणामस्वरूप, आखिरकार गीता बैरागी को 14 सालों बाद उनकी भूमि की रजिस्ट्री सौंपी गई। यह निर्णय न केवल गीता के लिए, बल्कि ऐसे सभी लोगों के लिए प्रेरणा का कार्य करेगा जो अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

समुदाय का समर्थन और प्रतिक्रियाएँ

गीता बैरागी ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा, "मैं कुमाऊं कमिश्नर और सभी अधिकारियों की धन्यवाद कहना चाहती हूं, जिन्होंने मेरी मदद की। यह फैसला मेरे लिए एक नया जीवन है।" इस मामले में समुदाय के लोगों ने भी गीता बैरागी का समर्थन किया और उनकी उपलब्धि को सराहा।

कानूनी प्रक्रियाओं में सुधार की आवश्यकता

इस मुद्दे ने यह भी दिखाया कि हमारे कानूनी और रजिस्ट्री सिस्टम में सुधार की आवश्यकता है ताकि ऐसी समस्याएं भविष्य में न हों। यह सुनिश्चित करने के लिए कि लोगों को उनके अधिकारों का त्वरित और प्रभावी तरीके से संरक्षण मिले, कानूनी प्रक्रियाओं को सरल और सुलभ बनाना आवश्यक है।

हम सभी को इस प्रकार के मामलों में एकजुट होकर काम करना चाहिए और सरकार से अनुरोध करना चाहिए कि वे समान भाव से संघर्षरत लोगों की मदद करें।

अधिक जानकारी के लिए, कृपया Netaa Nagari पर जाएं।

धन्यवाद,
टीम Netaa Nagari

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