लखवाड़ बहुउद्देशीय परियोजना क्षेत्र में कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए बीएनएसएस की धारा-163 के तहत निषेधाज्ञा लागू
देहरादून दिनांक 01 जून, 2026 (सूवि), उप जिला मजिस्ट्रेट कालसी प्रेम लाल ने अवगत कराया है कि लखवाड़ बहुउद्देशीय
लखवाड़ बहुउद्देशीय परियोजना में कानून एवं शांति व्यवस्था हेतु बीएनएसएस की धारा-163 के अंतर्गत निषेधाज्ञा लागू
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कम शब्दों में कहें तो, देहरादून में लखवाड़ बहुउद्देशीय परियोजना क्षेत्र में कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए बीएनएसएस के तहत निषेधाज्ञा लागू की गई है।
देहरादून, 01 जून 2026 (सूवि) - उप जिला मजिस्ट्रेट कालसी, प्रेम लाल ने पुष्टि की है कि लखवाड़ बहुउद्देशीय परियोजना (300 मेगावाट) क्षेत्र में कानून एवं शांति व्यवस्था को सुनिश्चित करने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा-163 के अंतर्गत निषेधाज्ञा लागू की गई है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होकर अगले 6 महीनों तक प्रभावी रहेगा।
यह आदेश तब जारी किया गया जब उप महाप्रबंधक (जनपद-प्रथम) लखवाड़ परियोजना और प्रभारी निरीक्षक कोतवाली कालसी की रिपोर्ट में यह दर्शाया गया कि परियोजना क्षेत्र में विभिन्न व्यक्तियों और संगठनों द्वारा धरना-प्रदर्शन, जुलूस, नारेबाजी, मार्ग अवरोध, कार्यस्थलों पर अनधिकृत प्रवेश, और अन्य गतिविधियों के कारण शांति भंग की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इस स्थिति के मद्देनज़र उप जिला मजिस्ट्रेट ने यह निषेधाज्ञा जारी की।
निषेधाज्ञा के प्रमुख बिंदु
जिला प्रशासन के आदेशानुसार, लखवाड़ बहुउद्देशीय परियोजना के सभी कार्यस्थलों से 500 मीटर की दूरी के भीतर पांच या उससे अधिक व्यक्तियों के एकत्र होने पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसके साथ ही, परियोजना स्थल, कार्यालय, आवासीय परिसर एवं निर्माण क्षेत्र में अनधिकृत प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित है। किसी भी व्यक्ति या समूह को सक्षम अनुमति के बिना धरना-प्रदर्शन, जुलूस, नारेबाजी या भीड़ एकत्र करने की अनुमति नहीं है।
इसके अलावा, निषेधाज्ञा के तहत परियोजना क्षेत्र में लाठी, डंडा, हथियार, चाकू, ज्वलनशील पदार्थ और ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग करना निषिद्ध है। परियोजना की मशीनरी, उपकरणों, वाहनों और अन्य सरकारी संपत्तियों को क्षति पहुँचाना या कार्य में बाधा डालना दंडनीय होगा। सोशल मीडिया पर भड़काऊ या आपत्तिजनक सामग्री के प्रसारण पर भी पाबंदी लगाई गई है।
स्थानीय निवासियों को अपने घरों तक पहुंचने और कृषि कार्य करने की अनुमति है, बशर्ते वे सभी निर्धारित नियमों का पालन करें। परियोजना क्षेत्र में तैनात सुरक्षा बलों और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन सभी के लिए अनिवार्य होगा।
जनता से की गई अपील
उप जिला मजिस्ट्रेट ने आम जन से अनुरोध किया है कि वे जनहित, लोक शांति और विकास परियोजना के सुचारू संचालन के हित में जारी आदेशों का पालन करें और किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और अन्य प्रासंगिक कानूनी प्रावधानों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
लखवाड़ बहुउद्देशीय परियोजना राज्य और क्षेत्र के विकास के लिए आवश्यक है, जिसके निर्माण कार्यों को सुरक्षित और शांतिपूर्ण वातावरण में संचालित करना प्रशासन की प्राथमिकता है। इस उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए यह निषेधाज्ञा जारी की गई है।
यह कदम राज्य में शांति और नागरिक सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। इस प्रकार की कार्रवाई से उम्मीद की जा रही है कि परियोजना कार्य सुचारू रूप से चल सकेगा और स्थानीय निवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
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इस लेख को प्रस्तुत किया है, टीम नेटा नगरि - अपर्णा शर्मा
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