उत्तराखंड में शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग, कांग्रेस ने संघर्ष की दी चेतावनी
Rajkumar Dhiman, dehradun: उत्तराखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। अल्मोड़ा से कांग्रेस विधायक मनोज तिवारी ने प्रदेश सरकार और शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो गए … The post अब उत्तराखंड में शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग, कांग्रेस ने आंदोलन की दी चेतावनी appeared first on Round The Watch.
उत्तराखंड में शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग, कांग्रेस ने संघर्ष की दी चेतावनी
राजकुमार धीमन, देहरादून: उत्तराखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के मामलों ने राजनीतिक हलचल को जन्म दे दिया है। अल्मोड़ा से कांग्रेस विधायक मनोज तिवारी ने प्रदेश की भाजपा सरकार और शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत पर तीखा हमला बोला है। उनका कहना है कि शिक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं। तिवारी ने मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तुरंत इस्तीफा देने का आग्रह किया है, अन्यथा कांग्रेस सड़क और सदन दोनों में आंदोलन करने के लिए मजबूर होगी।
राजनीतिक माहौल में गरमी
रविवार को कांग्रेस कार्यालय में आयोजित एक प्रेस वार्ता में, विधायक मनोज तिवारी ने कहा कि राज्य सरकार ने कठोर नकल विरोधी कानून बनाने का दावा किया था। लेकिन हाल ही में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय (UTU) की बीटेक परीक्षा में सामने आए पेपर लीक मामले ने उस दावे की सचाई को उजागर कर दिया है। उन्होंने बताया कि इस प्रकार की घटनाओं से युवा छात्रों का भविष्य अनिश्चितता के चाकू पर है।
सरकार की नाकामी पर कटाक्ष
मनोज तिवारी ने आरोप लगाया कि सरकार नकल माफिया के खिलाफ प्रभावी कदम उठाने में असफल रही है। इस लापरवाही के कारण हजारों मेहनती छात्रों के सपने खतरे में हैं। उनका कहना था कि जब नकल विरोधी विधेयक विधानसभा में पेश किया गया था, तब कांग्रेस ने इसे प्रवर समिति को भेजने की मांग की थी ताकि कानून की कमियों को दूर किया जा सके। लेकिन सरकार ने जल्दबाजी में विधेयक को पारित करवा लिया। उसी के कारण नकल माफिया अब भी सक्रिय हैं और पेपर लीक की घटनाएं जारी हैं।
नैतिक जिम्मेदारी का सवाल
तिवारी ने केंद्र सरकार को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि जिस तरह से राष्ट्रीय स्तर पर परीक्षा विवादों के कारण सवाल उठते हैं, उसी तरह उत्तराखंड के शिक्षा मंत्री को भी नैतिक जिम्मेदारी ग्रहण करनी चाहिए। "यदि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को जवाबदेही का सामना करना पड़ता है, तो राज्य के शिक्षा मंत्री को भी इस्तीफा देना चाहिए," उन्होंने कहा।
कांग्रेस की चेतावनी
Congress विधायक का कहना है कि अगर शिक्षा मंत्री अपने पद पर बने रहे, तो कांग्रेस का आंदोलन और भी तीव्र हो जाएगा। यह मुद्दा न केवल किसानों और नौजवानों के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह पूरे उत्तराखंड की शिक्षा प्रणाली की गुणवत्ता को प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार की नाकामी को बर्दाश्त नहीं करेगी और इसे सड़कों पर लाएगी।
कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड में शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग एक गंभीर मुद्दा बन चुका है, जो राजनीतिक अस्थिरता को बढ़ा रहा है। ऐसे में, यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार इस स्थिति को कैसे संभालती है। और अपडेट के लिए यहां क्लिक करें।
सादर,
टीम नेतागिरी - सुमित्रा
What's Your Reaction?