अंकिता भंडारी हत्या मामले में CBI की जांच में देरी के खिलाफ 2 जुलाई को देहरादून में होगा विरोध

देहरादून अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच की ऑनलाइन बैठक में अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जाँच की वर्तमान स्थिति पर विस्तृत चर्चा की गई। आयोजित की गई बैठक में…

Jun 29, 2026 - 18:37
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अंकिता भंडारी हत्या मामले में CBI की जांच में देरी के खिलाफ 2 जुलाई को देहरादून में होगा विरोध
अंकिता भंडारी हत्या मामले में CBI की जांच में देरी के खिलाफ 2 जुलाई को देहरादून में होगा विरोध

अंकिता भंडारी हत्या मामले में CBI की जांच में देरी के खिलाफ 2 जुलाई को देहरादून में होगा विरोध

कम शब्दों में कहें तो, अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच के सदस्यों ने CBI जांच की सुस्त प्रगति पर चिंता जताते हुए 2 जुलाई को देहरादून में CBI ऑफिस का तालाबंदी करने का फैसला किया है।

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देहरादून: अंकिता भंडारी हत्याकांड के मुद्दे पर न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच ने एक ऑनलाइन बैठक का आयोजन किया। इस बैठक में हाल ही में सीबीआई द्वारा जांच की जा रही स्थिति का बारीकी से अध्ययन किया गया। मंच के सदस्यों ने स्पष्ट रूप से कहा कि लगभग छह महीने बीत गए हैं जब यह मामला सीबीआई को सौंपा गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है। यह स्थिति पीड़ित परिवार और आम जनता के बीच गहरी निराशा का कारण बन रही है।

बैठक में यह सवाल उठाया गया कि सीबीआई ने अब तक अंकिता भंडारी के माता-पिता के बयान तक दर्ज नहीं किए हैं। इसके अलावा, उन वीआईपी व्यक्तियों की जांच में भी कोई प्रगति नहीं हो रही है जिनका मामले में उल्लेख हुआ था। रिसॉर्ट को ध्वस्त करने और संभावित साक्ष्यों के नष्ट होने के मसले पर भी कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है। मंच इस बात पर जोर दे रहा है कि इन हालातों ने जांच की दिशा और गति को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

स्थानीय सीबीआई अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, जांच का संचालन दिल्ली स्थित सीबीआई मुख्यालय द्वारा किया जा रहा है। मंच ने कहा कि जब घटना उत्तराखंड में हुई है, तब राज्य स्तर पर उपलब्ध सीबीआई तंत्र को सक्रिय और प्रभावी ढंग से कार्य करना चाहिए। इसकी स्थिति पर चिंता जताई गई है कि जांच में देरी से न्याय की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।

संघर्ष मंच ने उल्लेख किया कि लगभग दो सप्ताह पहले सीबीआई निदेशक को पत्र भेजकर जांच की प्रगति सार्वजनिक करने का अनुरोध किया गया था। इसमें चेतावनी भी दी गई थी कि यदि निर्धारित समयावधि में कोई संतोषजनक प्रगति नहीं होती है, तो लोकतांत्रिक ढंग से देहरादून में सीबीआई कार्यालय के समक्ष विरोध-प्रदर्शन किया जाएगा।

बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि अगर जांच की गति और अस्पष्टता बनी रहती है, तो 2 जुलाई को देहरादून स्थित CBI कार्यालय पर तालाबंदी एवं विरोध-प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने प्रदेश की जनता, सामाजिक संगठनों और न्यायप्रिय नागरिकों से अपील की है कि वह इस आंदोलन में भाग लें और अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मुहिम को मजबूत करें।

अंकिता भंडारी के मामले में न्याय की यह लड़ाई सिर्फ एक व्यक्तिगत मामला नहीं, बल्कि यह हमारे समाज में न्याय और सच्चाई की आवश्यकता के प्रतीक के तौर पर उभरती है। इस प्रकरण में स्थानीय लोगों की भागीदारी और समर्थन से ही सही कदम उठाए जा सकेंगे। इसलिए हर नागरिक को इस जनांदोलन में शामिल होना चाहिए।

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Team Netaa Nagari
नीति वर्मा

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